
हरियाणा के महत्वपूर्ण जिले फरीदाबाद में लोकसंपर्क विभाग की काहिलियत का आलम यह है कि एक चपरासी को जिला लोकसंपर्क विभाग की कमान संभालनी पड़ रही है। दरअसल जिला लोकसंपर्क अधिकारी अशोक भरतवाल की अनुपलब्धता के कारण कई काबिल अफसरों के होने के बावजूद विभाग के संचालन का अनौपचारिक दायित्व एक चपरासी पर है। प्रदेश कैबिनेट में खासे असरदार पं. शिव चरण लाल शर्मा को भी अपने गृह नगर में अपने विभाग की काहिली के कारण बहुधा खीज का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोकसंपर्क विभाग के मंत्री को अपनी सभाओं जलसों की खबरों को छपवाने के लिए भी निजी इंतजाम करने पड़े हैं। बताया जाता है कि उक्त चपरासी लोकसंपर्क अधिकारी का राजदार है अत: उनके मुंह लगा है और तमाम महत्वपूर्ण फैसले यही कर रहा है। दरअसल जिला लोकसंपर्क अधिकारी के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में भी श्री भरतवाल अपनी कार्यशैली से पत्रकारों व सरकारी अधिकारियों के कोप भाजन बने हुए हैं। सूरजकुंड मेले की शुरुआत से ही मीडियाकर्मियों को शिकायत थी कि लोकसंपर्क अधिकारी को दिए गए 400 पासों को मीडिया को नहीं बांटा गया। लोकसंपर्क अधिकारी के खिलाफ नारे लगाते हुए फरीदाबाद के मीडिया कर्मियों ने जिला उपायुक्त को इस आश्य का ज्ञापन भी सौंपा था। लेकिन मीडिया के साथ किसी तरह पैचअप करके भरतवाल ने किसी तरह मामला शांत किया। यह पहला मौका नहीं है जब श्री भरतवाल की हरकतें मीडिया में चर्चा का विषय बनीं हों। लोकसंपर्क अधिकारी भरतवाल का पिछला कार्यकाल भी विवादास्पद रहा था। भरतवाल का कार्यालय में बैठ कर बीड़ी पीते हुए का फोटो निर्भीक पत्रकार नवीन गुप्ता ने अपने पत्र मैट्रो प्लस में प्रकाशित किया था। मुख्य संसदीय सचिव शारदा राठौर ने लोकसंपर्क विभाग का दायित्व अपने पास होने के दौरान ऐसी ही अभद्रताओं के लिए भरतवाल का ट्रांसफर हरियाणा के नारनौल में करते हुए उन्हें खुड्डे लाइन लगा दिया था। चर्चा आम है कि सूरजकुंड मेले के बाद फरीदाबाद के लोकसंपर्क अधिकारी का तबादला निश्चित है।
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