26वें सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में मंगलवार को दर्शक श्रीकृष्ण की भक्ति के रस में डूबे नजर आए। मौका था, चौपाल पर प्रतिदिन प्रस्तुत होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का।
चौपाल पर ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा से आए ब्रज गायकों ने जहां भक्ति गीतों 'तेरी बाट निहारे राधा, सांवरिया आजा रे' और 'श्रीकृष्ण गोबिंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा' से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मोर पंखों से लिपटे श्रीकृष्ण-राधा जी की भूमिका में अवधेश मिश्रा-पूजा सैनी और सखियों में शालू-आरती जैसे कलाकारों ने अनुपम नृत्य से दर्शकों का दिल जीत लिया। मोर की मधुर ध्वनि के बीच जब कार्यक्रम की प्रस्तुति हो रही थी, तो चौपाल के आसपास मौजूद दर्शकों के कदम वहीं रुक गए और उन्होंने आनंद लेने के लिए चौपाल की ओर रुख किया।
थीम स्टेट असम के कलाकारों ने पांगबा नृत्य व देवधणी दल ने महिषासुर राक्षस का वध करने वाली देवी दुर्गा की आराधना पर आधारित नृत्य की रोमांचक प्रस्तुति दी।
चौपाल पर मध्यप्रदेश, कर्नाटक, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, पश्चिमी बंगाल व मेजबान हरियाणा के लोक कलाकारों ने भी मनोरम प्रस्तुति से दर्शकों की तालियां बटोरी।
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